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राजेश नागर ने सोहना अनाज मंडी में पारदर्शिता की समीक्षा की

Gurugram, Haryana:गुरुग्राम- सोहना अनाज मंडी में मंत्री राजेश नागर ने किया निरीक्षण किसानों को प्राथमिकता, खरीद प्रक्रिया होगी पारदर्शी सरसों-गेहूं खरीद व्यवस्थाओं का लिया जायजा आढ़तियों और किसानों से राजेश नागर ने किया सीधा संवाद हेल्प डेस्क, बारदाना और शिकायत रजिस्टर की करी जांच मंत्री ने दिए अटल कैंटीन की व्यवस्था सुधारने के निर्देश ई-खरीद पोर्टल होगा अपग्रेड, अब वाहन की फोटो भी होगी कैप्चर वी.ओ 1- हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री राजेश नागर ने आज स्थित अनाज मंडी का निरीक्षण कर खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और फसल खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व सुगम बनाया जा रहा है। बाइट- राजेश नागर, मंत्री, हरियाणा सरकार वी.ओ 2- निरीक्षण के दौरान मंत्री ने सरसों और गेहूं की खरीद व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मंडी में मौजूद किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए।मंत्री ने मंडी में स्थापित हेल्प डेस्क, एंट्री गेट पर बनाई गई सुविधाएं, बारदाने की उपलब्धता और शिकायत रजिस्टर की भी जांच की। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा उन्होंने अटल कैंटीन में किसानों के लिए उपलब्ध भोजन व्यवस्था की भी समीक्षा की और इसे बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। बाइट- राजेश नागर, मंत्री, हरियाणा सरकार वी.ओ 3- राजेश नागर ने बताया कि अब मंडियों में आने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर और फोटो रिकॉर्ड किया जाएगा, जिससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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ग Gurugram: अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग का बड़ा खुलासा, 5 गिरफ्तार

Gurugram, Haryana:गुरुग्राम- गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का बड़ा खुलासा फिलीपींस-कंबोडिया लिंक से जुड़ा नेटवर्क बेनकाब सिम बॉक्स के जरिए कॉल डायवर्ट कर होता था ठगी का खेल 5 अलग-अलग केस हुए दर्ज, 5 आरोपीयो को किया गिरफ्तार नेपाल-बिहार रूट से भारत में आती थीं अवैध मशीनें 500 से ज्यादा सिम कार्ड और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करते थे ठगी वी.ओ 1- गुरुग्राम पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फिलीपींस और कंबोडिया से संचालित हो रहा था और भारत में सिम बॉक्स के जरिए साइबर अपराधों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इस मामले में 5 अलग-अलग शिकायतों के आधार पर 5 मामले दर्ज किए हैं। बाइट- गौरव राजपुरोहित, डीसीपी ईस्ट, गुरुग्राम पुलिस वी.ओ 2-दरअसल एसआईटी ने गुरुग्राम के यू-ब्लॉक और चकरपुर समेत कई स्थानों पर छापेमारी की।रेड के दौरान पुलिस ने 15 सिम बॉक्स, 504 सिम कार्ड, 7 वाई-फाई राउटर, 7 TAPO कैमरे, 29 वाई-फाई स्विच, 30 बैटरियां और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए। ये उपकरण इंटरनेट के माध्यम से कॉल डायवर्ट करने और फर्जी कॉल के जरिए लोगों को ठगने में इस्तेमाल किए जा रहे थे। बाइट- गौरव राजपुरोहित, डीसीपी ईस्ट, गुरुग्राम पुलिस वी.ओ 3- गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कासगंज निवासी राहुल कुमार, अहमदाबाद निवासी यश अमृत सिंह डुगर, कच्छ निवासी भाविका भगचंदानी, लितेश और सागर के रूप में हुई है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फिलीपींस और कंबोडिया में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे और नेपाल-बिहार रूट के जरिए उपकरण भारत लाते थे। बाइट- गौरव राजपुरोहित, डीसीपी ईस्ट, गुरुग्राम पुलिस वी.ओ 4- डीसीपी की माने तो इस नेटवर्क के जरिए डिजिटल अरेस्टिंग जैसे साइबर अपराधों को अंजाम दिया जाता था और हजारों फर्जी सिम कार्ड सक्रिय किए गए थे।फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है。
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गुरुग्राम LPG संकट: प्रशासन ने 4 आरोपित गिरफ्तार, 188 सिलेंडर जब्त

Gurugram, Haryana:गुरुग्राम- गुरुग्राम में एलपीजी किल्लत पर प्रशासन अलर्ट गुरुग्राम में 24x7 स्पेशल कंट्रोल रूम शुरू गैस शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 4 आरोपी गिरफ्तार 188 गैस सिलेंडर किए गए जब्त गुरुग्राम में हर महीने 3 लाख घरेलू सिलेंडरों की खपत PNG गैस अपनाने की लोगों से अपील अफवाहों पर ध्यान न देने की भी करी अपील वी.ओ 1- गुरुग्राम में एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने और उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। गैस से जुड़ी शिकायतों के लिए डीसी आफिस में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे काम करेगा।प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर 0124-2868930 पर अब उपभोक्ता सीधे संपर्क कर सकते हैं। सिलेंडर बुकिंग, सप्लाई में देरी या वितरण से जुड़ी किसी भी समस्या की शिकायत यहां दर्ज कराई जा सकती है। बाइट- अजय कुमार, डीसी, गुरुग्राम वी.ओ 2- गुरुग्राम की डीसी अजय कुमार की माने तो गैस की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस और खाद्य आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई करते हुए अब तक 4 मामले दर्ज किए हैं और 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान कुल 188 गैस सिलेंडर भी जब्त किए गए हैं। उनका कहना है कि कालाबाजारी करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बाइट- अजय कुमार, डीसी, गुरुग्राम वी.ओ 3- वही गुरुग्राम की अगर बात करे तो हर महीने लगभग 3 लाख घरेलू सिलेंडरों की खपत होती है, जबकि पहले कमर्शियल गैस की खपत करीब 1 लाख सिलेंडर थी। इसके अलावा ढाबों और उद्योगों में घरेलू गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी सख्ती बरती जा रही है। प्रशासन ने ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कमर्शिकल गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बाइट- अजय कुमार, डीसी, गुरुग्राम वी.ओ 4- वही डीसी ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, क्योंकि गुरुग्राम में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो सिलेंडर का सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है।डीसी ने साफ किया है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और अगर कोई अधिक कीमत वसूलने की कोशिश करता है तो तुरंत कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दें。
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गुरुग्राम में LPG कालाबाजारी रोकने के लिए 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित

Gurugram, Haryana:गुरूग्राम एलपीजी गैस कि काला बाजारी पर नकेल कसने के लिए कंट्रोल रूम गुरुग्राम,1 अप्रैल | मिडल ईस्ट में चल रहे ईरान -अमेरिका, इजराइल के बीच युद्ध से पूरे विश्व भर में एलपीजी गैस और तेल कि दिक्क़त बड़े स्तर पर है |इसी समस्या से निपटने के लिए भारत सरकार कि तरफ से कई कदम अब राज्य स्तर पर ही नहीं बल्कि जिला स्तर पर भी उठाए गए है इसी कड़ी में एलपीजी गैस कि सप्लाई सूचारू रूप से चले और किसी तरह कि कोई कालाबजारी नहीं हो इसके लिए गुरूग्राम में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है जिससे पूरे शहर पर नजर रखी जाएगी | जिला उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि जिले में एलपीजी की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इस दिशा में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया जा रहा है, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और गैस की आपूर्ति पारदर्शी व व्यवस्थित बनी रहे。 डीसी ने कहा कि शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाते हुए लघु सचिवालय के सेकंड फ्लोर स्थित एनआईसी रूम में एलपीजी सेवाओं से संबंधित एक समर्पित 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां आमजन गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता, आपूर्ति में देरी, कालाबाजारी या अवैध भंडारण जैसी समस्याओं की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर शिकायत का त्वरित संज्ञान लेकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। DFSC डॉ. अशोक रावत ने बताया कि कंट्रोल रूम के लैंडलाइन नंबर 0124-2868930 पर प्राप्त सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निवारण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कालाबाजारी और अवैध भंडारण से जुड़ी शिकायतों पर संबंधित अधिकारी तत्काल जांच कर कार्रवाई करेंगे। आमजन से अपील की गई है कि यदि कहीं भी एलपीजी से जुड़ी कोई अनियमितता नजर आए तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते sख्त कार्रवाई की जा सके。 *एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक, नियमित निगरानी से स्थिति नियंत्रण में* गुरूग्राम में सभी इलाकों में एलपीजी कैसी स्थिति है इस पर डीएफएससी ने बताया कि डीसी अजय कुमार के दिशा-निर्देशन में जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए रोजाना 6 टीमें फील्ड में सक्रिय हैं, जो गैस एजेंसियों, गोदामों और संदिग्ध स्थानों पर लगातार निरीक्षण कर रही हैं। इस प्रीक्रिया से पूरे गुरूग्राम में ये सुनिश्चित हो पायेगा कि कई कोई दिक्क़त तो नहीं है सप्लाई को लेकर | वही इससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई संभव हो पा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिले में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में 58 गैस एजेंसियों के पास कुल 15,311 सिलेंडर का भंडारण मौजूद है, जिससे आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। विभाग द्वारा आपूर्ति एवं वितरण की दैनिक आधार पर निगरानी की जा रही है, ताकि भविष्य में भी किसी प्रकार की किल्लत उत्पन्न न हो。
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आयुष्मान भारत संकट: गुरुग्राम के अस्पताल में इलाज बंद, भुगतान देरी से परेशानी

Gurugram, Haryana:आयुष्मान भारत योजना पर संकट भुगतान में देरी से गुरुग्राम में इलाज ठप देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत योजना अब सवालों के घेरे में है। गुरुग्राम के सिविल अस्पताल स्थित मेडिट्रिना हार्ट सेंटर में पिछले कई महीनों से आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज बंद पड़ा है। वजह—भुगतान में भारी देरी और प्रशासनिक सुस्ती। इसका सीधा असर गरीब मरीजों पर पड़ रहा है, जो इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। गुरुग्राम के मेडिट्रिना हार्ट सेंटर में आयुष्मान योजना के तहत इलाज पिछले साल अगस्त से बंद है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि करोड़ों रुपये का भुगतान अभी तक बकाया है। अस्पताल के अनुसार, 2023 के मरीजों की फाइलों पर 2026 में आपत्तियाँ उठाई जा रही हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया और धीमी हो गई है। हार्ट सेंटर चला रही कंपनी का दावा है कि "हमें हर महीने वेंडर्स को भुगतान करना होता है, लेकिन आयुष्मान विभाग से पैसा नहीं मिल रहा। जब तक बकाया क्लियर नहीं होगा, हम इलाज शुरू नहीं कर सकते।" बाइट (मंदीप कुमार, प्रबंधक मेडिट्रीना हार्ट सेंटर) भागदौड़ भरी जिंदगी में यहां हर दिन 4 से 5 मरीज आयुष्मान कार्ड लेकर इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी दूसरे राज्यों से आने वाले गरीब मरीजों को हो रही है, जिनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। ये सेंटर अगस्त 2025 से बंद है जिसके चलते हर महीने करीब 125-150 मरीज यहां इलाज से वंचित रह जाते है।अस्पताल के मुताबिक, हर महीने करीब 120 से 150 गंभीर हृदय रोगी बिना इलाज लौट रहे हैं। प्रबंधन का कहना है कि जब तक भुगतान नहीं होगा और प्रक्रिया पारदर्शी नहीं बनेगी, तब तक सेवाएं बहाल करना मुश्किल है। बाइट (मंदीप कुमार, प्रबंधक मेडिट्रीना हार्ट सेंटर) अब बड़ा सवाल यह है कि क्या हरियाणा स्वास्थ्य विभाग और केंद्र सरकार इस मुद्दे पर जल्द कोई ठोस कदम उठाएगी? क्योंकि जिस योजना को गरीबों के लिए जीवनदायिनी कहा गया था, वही अब उनके लिए परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है।
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